समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर
- – एपीएचसी में हर माह 1800 तथा एचडब्लूसी में 300 मरीजों की जांच आवश्यक
- – गैर-संचारी रोगों की नियमित स्क्रीनिंग पर बल
- – प्रत्येक माह जन आरोग्य समिति की बैठक अनिवार्य

पूर्णिया
समुदाय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की त्रैमासिक समीक्षात्मक बैठक जीएमसीएच, पूर्णिया के पैरामेडिकल भवन में आयोजित की गई। बैठक में जिले के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती देने तथा सामान्य से लेकर गंभीर श्रेणी के मरीजों तक प्रभावी चिकित्सा सहायता पहुंचाने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
समुदाय को सहज चिकित्सा उपलब्ध कराना है प्राथमिकता : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. कनौजिया ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में संचालित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिर/हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्लूसी) समुदाय को आसानी से चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि—
एपीएचसी में मासिक 1800 तथा
एचडब्लूसी में मासिक 300 मरीजों की चिकित्सकीय जांच हर हाल में सुनिश्चित हो।
उन्होंने बताया कि एपीएचसी में 193 प्रकार की दवाइयों और एचडब्लूसी में 148 प्रकार की दवाइयों की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जा रही है। सभी सीएचओ को निर्देश दिया गया कि दवा उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए और गंभीर रोगियों की पहचान कर उन्हें प्रखंड या जिला अस्पताल भेजने में तत्परता बरती जाए।
गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग अनिवार्य : एनसीडीओ
जिला गैर-संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (एनसीडीओ) डॉ. सुभाष कुमार सिंह ने कहा कि समुदाय में बढ़ते गैर-संचारी रोगों—जैसे मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, अल्जाइमर आदि—की रोकथाम हेतु नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि टेली-परामर्श सेवा के माध्यम से मरीजों को प्रखंड और जिला अस्पताल के विशेषज्ञों से चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो पा रहा है।

जन आरोग्य समिति की बैठक हर माह अनिवार्य
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नोडल अधिकारी सह डीपीसी डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रत्येक एपीएचसी और एचडब्लूसी में जन आरोग्य समिति गठित की गई है।
इस समिति की मासिक बैठक में—
गंभीर मरीजों की पहचान,
उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा
और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष चर्चा की जाती है।
इन बैठकों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), एएनएम तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता अनिवार्य है। एपीएचसी स्तर पर प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों की भी उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. के.एम. दास, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार, डीपीएम सुरेंद्र कुमार दास, डीएमईओ आलोक कुमार, डीसीक्यूए डॉ. अनिल कुमार शर्मा, यूनिसेफ सलाहकार शिवशेखर आनंद, पीरामल स्वास्थ्य प्रतिनिधि चंदन कुमार सिंह सहित टीबी, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य विभागों के अधिकारी तथा सभी प्रखंडों के सीएचओ शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना रहा।

